A Famous RTI Song ..................




मेरे सपनो को जानने का हक रेmere sapnon ka janne ka huk re
क्यों सदियों से टूट रही हैkyun sadiyon se toot rahe hai
इनको सजने का नाम नहींinko sajne ka naam nahin
  
मेरे हाथों को जानने का हक रेmere haathon ko janne ka huk re
क्यों बरसों से खली पड़ी हैंkyun barson se khali pade re
इन्हें आज भी ककम नहीं हैinhein aaj bhi kaam nahi hai
  
मेरी पैरों को यह जानने का हक रेmere pairon ko yeh janne ka huk re
क्यों गाँव गाँव चलना पड़ा रेkyon gaon gaon chalna pade re
क्यों बस की निशान नहींkyon bus ka nishan nahi
  
मीर भूक को जानने का हक रेmeri bhUkh ko yeh janne ka huk re
क्यों गोदामों में सड़ते हैं दानेkyon godamon mein sadte hain daane
मुझे मुट्ठी भर दाना नहींmujhe mutthi bhar dhan nahi (paddy)
  
मेरी बूढी माँ को जानने का हक रेmeri budhi maa ko janne ka huk re
क्यों गोली नहीं सुई दवाखानेkyon goli nahi sui davakhane
पट्टी टाकने का सामान नहींpatti tanke ka saman nahi
  
मेरे खेतों को यह जानने का हक रेmere kheton ko yeh janne ka huk re
क्यों बाँध बने हैं बड़े बड़ेkyon bandh bane re bade bade
तो भी फसल में जान नहींTo bhi faslon mein jaan nahi
  
मेरे जंगलों को यह जानने का हक रेmere jungalon ko yeh janne ka huk re
कहाँ डालियाँ वोह पत्ते टेल मिटटीkahan daliyan woh patte tane mitti
क्यों झरनों का नाम नहींkyon jharno ka nam nahi
  
मेरे नदियों को यह जानने का हक रेmeri nadiyon ko janne ka huk re
क्यों ज़हर मिलाये कारखानेkyon zeher milaye karkhane
जैसे नदियों में जान नहींjaise nadiyoon mein jaan nahi
  
मेरे गाँव को यह जानने का हक रेmere gaon ko jaan ne ka huk re
क्यों बिजली न सदके न पानीkyon bijli na sadke na pani
खुली राशन की दुकान नहींkhuli ration ki dukan nahi
  
मेरे वोटों को यहे जानने का हक रेmere voton ko ye jann ne ka huk re
क्यों एक दिन बड़े बड़े वाडेkyon ek din bade bade vaade
फीर पांच साल काम नहींfir panch saal kam nahi
  
मेरे राम को यह जानने का हक रेmere raam ko janne ka huk re
रहमान को यह जानने का हक रेrehman ko ye jannne ka huk re
क्यों खून बह रहे सड़कों मेंkyon khoon bahe re sadkon pe
क्या सब इन्सान नहींkya sab insaan nahi
  
मरी ज़िन्दगी को यह जानने का हक रेmeri zindagi ko janne ka hak re
अब हक के बिना भी क्या जीनाab hak ke bina bhi kya jeena
यह जीने के समान नहींyeh jeene ke samaan nahin